झारखंड में निपाह वायरस का अलर्ट: सभी जिलों को दिया निर्देश

पश्चिम बंगाल में हाल ही में निपाह वायरस के कारण हुए दो मौत के बाद झारखंड सरकार ने पूरी तरह से अलर्ट जारी करती है वही झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने राज्य के सभी जिलों के सभी सर्जनों को हाई अलर्ट पर रहने के लिए बोल दिया है और हर स्तर पर सावधानी बरतने के लिए निर्देश जारी कर दिया है।

क्या है निपाह वायरस

निपाह वायरस एक बेहद खतरनाक जोनोटिक बीमारी है जो मुख्य रूप से जानवरों से इंसान में फैला है या वायरस का मुख्य रूप से फल खाने वाले चमगादड़ों के से उत्पन्न होता है ।

संक्रमण का मुख्य वजह

जिसमें इस संक्रमण के कारण किसी भी व्यक्ति को बुखार और तेज सिर दर्द हो सकता है वह खांसी व गले में खराज जैसी संभावना हो सकती है वह सांस लेने में तकलीफ का सामना करना पड़ सकता है या गंभीर मामलों के देखते हुए दिमाग में सूजन भी हो सकता है जिससे मरीज को कोमा में जाने की संभावना हो सकती है निपाह वायरस की मृत्यु दर औपचारिक परसेंट से 75% तक हो सकती है वहीं सरकार ने झारखंड के सभी जिलों को निर्देश जारी कर दिया है कि तेज रिपोर्ट से सिस्टम और जनसंख्या का अभियान चलाने से इसमें सतर्कता बढ़ती जा सकती है।

निपाह वायरस से कैसे बचे

निपाह वायरस से बचने के लिए कुछ निर्देश जारी किया गया है जिसमें जमीन पर गिरे हुए किसी भी प्रकार के भोजन फल व पक्षियों व जानवरों की दांतों के निशान हो वह फल वह खाना बिल्कुल भी न छुए ना खाए यह चमगादड़ द्वारा झूठ भी हो सकते हैं वही बाजार में से ले गए कोई भी सब्जी या फल को बिना धोए या साफ किया उसे ना करें वही खजूर का रस या ताड़ी पीते समय भी सावधानी बरतनी होगी जिससे बर्तनों को एकत्र किए जाने वाले रस में चमगादड़ की लार या मूत्र मिलने के भी संभावना अधिक होती है वह जानवरों से भी दूरी बनाकर रखें और जानवरों को जहां रखा जाता है वहां हर समय साफ सुथरा रखें यदि किसी भी मरीज से अस्पताल में मिलने जा रहे हैं तो एंटीसेप्टिक मास्क का उपयोग करें क्योंकि निपाह वायरस एक सक्रिय वायरस है या किसी भी प्रकार के अमृत जीव वह व्यक्ति में भी वायरस सक्रिय रह सकता है इसलिए 100 को छूने या से पहले अंतिम संस्कारों के दौरान विश्वास द्वारा विभाग जारी गाइडलाइन का नियमों का पालन अवश्य करें।

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झारखंड के रांची से एक सनसनी खेद :चूहों ने “खाया” 200 किलो गांजा

झारखंड की राजधानी रांची से एक सनसनी खेद निकलकर सामने आ रही है जिसमें पुलिस प्रशासन की कार्यशैली और सुधार व्यवस्था पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं यह खबर न केवल हैरान कर देने वाली है बल्कि एक चर्चा का विषय भी बना हुआ है।

मुख्य घटना क्या है कारण

जिसमें बताया जा रहा है कि झारखंड के रांची में एक रिपोर्ट के अनुसार पता चला कि जिस कहा गया कि उनके माल खाने में वह स्टोर के रूम में रखा गया लगभग 200 किलो जप्त गाजे को चूहों ने खो गए और उसे कुतर कर पूरी तरह से बर्बाद कर दिया जिसके अनुसार बताया जा रहा है कि यह गंजा एक बड़े ड्रग मामले में सबूत के तौर पर अदालत में पेश करना था लेकिन कोई सबूत न होने के कारण पुलिस के पास दिखाने के लिए कुछ नहीं बचा था लेकिन चौहान ने गाजर की इस तरह के केस का मुख्य कारण यह है कि गायब हो चुका सभी 200 किलो गज अदालत के सबूत के अभाव के कारण आरोपी को रिहा कर दिया गया ।

लापरवाही का मुख्य कारण

वही बताया जा रहा है कि पुलिस प्रशासन के लापरवाही के कारण यह सवाल उठ रहा है कि चौहान ने पूरे 200 किलो गाजर को खा लिया या भ्रष्टाचार और लापरवाही का छुपाने का एक बहाना है जिसमें बताया जा रहा है कि पहले बिहार और अन्य राज्यों में चौहान द्वारा शराब पीने की खबर सामने आती रहती थी लेकिन अब झारखंड में गंजे खाने का या अनोखा मामला रांची पुलिस के लिए एक शर्मिंदगी का कारण बन गया है।

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31 दिसम्बर पैन कार्ड आधार कार्ड से लिंक करना अनिवार्य: वरना निष्क्रिय हो जाएगा आपका पैन कार्ड

आयकर विभाग इनकम टैक्स की तरफ से 31 दिसंबर 2025 से पहले पैन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करने की अंतिम तिथि जारी कर दी गई है जिसे यदि आप समय रहते नहीं पैन कार्ड को लिंक करते हैं तो 1 जनवरी 2026 से आपका पैन कार्ड डीएक्टिवेट हो जाएगा ।

लिंक करना अनिवार्य है

आधार कार्ड को पैन कार्ड से लिंक करना की अधिसूचना वित्त मंत्रालय की तरफ से 1 अक्टूबर 2024 से पहले केवल आधार नामांकन के द्वारा पैन कार्ड को प्राप्त किया गया था जिसे 31 दिसंबर 2025 तक अपना वास्तविक आधार नंबर अपडेट करना अनिवार्य था जिसे सभी पैन कार्ड धारकों के लिए अभी तक लिंक नहीं किए हैं उन्हें₹1000 जमाने के साथ इस लिंक करना होगा अगर अपना पैन कार्ड 31 दिसंबर 2025 लिंक नहीं करते हैं तो आपका पैन कार्ड बंद हो जाएगा इसके बाद आपको बहुत सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है जैसे कि आपका बैंक न्यू बैंक खाता ओपन करना डी में डीमैट अकाउंट म्युचुअल फंड शेयर बाजार के लेनदेन नहीं कर सकते हैं वही अचल संपत्ति या वहां जैसी बड़ी खरीदारी में भी समस्या आ सकती है क्योंकि पेन का उपयोग केवल केवाईसी के लिए नहीं किया जा सकेगा वर्तमान में पेन और आधार को लिंक करने के लिए ₹1000 की पेनल्टी देनी होगी अगर आपका पैन कार्ड निष्क्रिय यानी कि बंद हो जाता है तो इसके लिए आपको 7 से 30 दोनों का समय लग सकता है ओपन होने के लिए और इसके लिए आपको 10000 तक का भी जुर्माना लग सकता है 31 दिसंबर 2025 के बाद

लिंक कैसे करें

आपको अपने पैन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करने के लिए आपको आयकर विभाग के इ फिलिंग पोर्टल पर जाना होगा इसके बाद आपको आधार लिंक वाले विकल्प पर क्लिक करना होगा इसके बाद आपका पेन और आधार नंबर का दर्ज करना होगा जिसके बाद आपका वास्तविक जन्मतिथि का मिलान करें और निर्धारित शुल्क को भुगतान करना होगा जिसके बाद आपका एक नंबर दर्ज होगा जिसे के बाद आपको यू टर्न हो करके उसे नंबर को फाइल करने के बाद ही प्रोसेस आगे होगा इसके बाद आपका पैन कार्ड पूरी तरह से लिंक हो जाएगा।

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सिस्टम के शर्मनाक लापरवाही : गढ़वा के जीवित दम्पत्ति को कागजों में किया मृत घोषित ढाई साल से पेंशन के लिए तरस रहे लाचार पति पत्नी “

गढ़वा जिला के भवनाथपुर थाना क्षेत्र के केतार के अंतर्गत एक अजीब गरीब घटना निकल कर आ रही है जिसमें बताया जा रहा है कि बूढ़े लोगों का बुढ़ापे का सहारा और सरकार द्वारा उनको पेंशन दिया जाता है और उन्हें ना मिले और वह व्यक्ति जिंदा हो और उसे मृत घोषित कर दिया जाए तो यह बहुत निंदनीय बात है इसी ही घटना केतार के बालिगढ़ से आ रही है जो पिछले 2.5 वर्ष से महेंद्र साव 72 वर्ष और या पत्नी पान कुंवर को पेंशन की राशि नहीं मिल रहा है उनका नाम काट दिया गया और उन्हें मृत घोषित कर दिया गया और वही पान कुंवर लकवा से ग्रसित है और कही चल फिर नहीं सकती और उनको को पेंशन की राशि नहीं मिलने से उन्हें अपने इलाज के लिए दवाई के बहुत कठिनाई का सामना करना पड़ता है।

वही महेंद्र साव अपने पत्नी का पेंशन का लागू कराने के पिछ्ले 2.5 वर्ष से कार्यालय और दफ्तर का चक्कर काट रहे हैं लेकिन उन्हें हर बार आश्वासन देकर भेज दिया जाता हैं उनकी पत्नी का 2023 से ही पेंशन बंद है जो उन्हें नहीं मिल रहा है और उन्हें दवाई के पैसा के लिए भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है उनका परिवार गरीब और लाचार है जैसे तैसे करके अपना जीवन यापन और दवाएं के पैसे का प्रबंध हो पाता हैं।

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ठंड और घने कोहरे से जनजीवन प्रभावित, हवाई यात्रा भी हुई बाधित

रांची में झारखंड सहित पूरे शहर में शीतलहर का असर तेजी से बढ़ रहा है हो गई जिसमें उत्तरी पश्चिम दिशा से आ रहे योर फीलिंग तेज हवाओं के कारण रात में तापमान लगातार गिरावट देखने को मिल रही है जिसके कारण राजस्थानी संयुक्त राज्य के पूरे काकोरी क्षेत्र में का न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया क्या जिसमे इस मौसम के अनुसार अब तक का सबसे कम तापमान दर्ज किया गया हुआ ठंड बढ़ने के साथ ही जन जीवन अर्थव्यवस्था हो गया है।

वही शाम होते ही लोग घर के अंदर जाने के लिए मजबूर हो जाते हैं जबकि सुबह-सुबह के समय सड़कों पर सन्नाटा खुश रहा वह नजर आ रहा है ठंड का असर इतना तेजी से बढ़ रहा है कि स्कूल में बच्चों के बुजुर्गों पर अधिक असर दिख रहा है वही कई लोग के लिए नगर निकाय की तरफ से अलाव की व्यवस्था की गई है जिससे ठंडी का कर कम हो सके।

वहीं ठंड के साथ-साथ गाने करी भी लोगों के लिए परेशानी का शौक बन रहा है सुबह होते समय इधर से पूरी सन्नाटा हो जाता और 500 मीटर से भी काम रह गई है जिस सड़क पर हवाई यात्रा पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है वही बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर था दिल्ली मुंबई पुणे हैदराबाद से आने वाली कोई उड़ने निर्धारित समय से देरी से चल रही है।

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5 लाख में बेचा गया 5 दिन का नवजात बरामद; गढ़वा पुलिस ने पलामू में महिला को हिरासत में लिया

गढ़वा जिले के डंडा थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक नवजात शिशु को पलामू में 5 लख रुपए में भेज दिया गया इसके बाद सूचना मिलने पर गढ़वा जिले के डंडा थाना क्षेत्र के पुलिस शनिवार को मेदिनीनगर नगर के रेडमा से एक नवजात शिशु को बरामद किया जिसमें इस मामले को लेकर महिला को भी विरासत में ले लिया गया है।

जिसमें बताया जा रहा है एक 5 दिन के नवजात शिशु को बेच दिया गया था इसके बाद सूचना मिलने पर गढ़वा जिले का डंडा थाना क्षेत्र के इस बच्चे को सजा किया गया था इसके बाद डंडा थाना क्षेत्र के थाना प्रभारी दिलीप कुमार मौके पर पलामू पहुंचे उन्होंने संजय कुमार के घर में इच्छा कुमारी की जिसके बाद मौके पर है शिशु को परमट कर लिया गया जिसमें इस खरीद बिक्री में शामिल उसे महिला को भी पुलिस की टीम में हिरासत में ले लिया है।

जिससे बात पुलिस होती में बच्चों को अपने विरासत में ले लिया है महिला को भी अपने साथ ले गई है और बच्चे को इलाज चल रहा है रविवार को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के समाज बच्चों को प्रस्तुत किया जाएगा जिसमें पुलिस की टीम इस मामले की जनता से जांच कर रही है पुलिस के अनुसार बताएं कि बच्चे की मौत का मासिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह अपने बच्चों का सौदा कर दे जिसके कारण उसकी लगातार स्थिति खराब रहता था प्रॉब्लम जानकारी के अनुसार पता चला कि बच्चों के बेचने कारण नहीं सामने आ रहा है जिसमें डंडा थाना प्रभारी ने जल्द ही में एक्शन लेते हुए निर्णय लिया ।

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मंईयां सम्मान योजना: नवंबर-दिसंबर की ₹5000 राशि क्रिसमस से पहले, जानिये किसे मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री मैया सम्मान योजना की ₹2500 की राशि हर महीने मिलने वाली राशि जो क्रिसमस से पहले नवंबर और दिसंबर माह की राशि देने की तैयारी पूरे जोरों पर है जिसमें लबों को एक साथ 5000 रुपए मिलेंगे जिसमें सीधे उनके खाते में या राशि ट्रांसफर किया जाएगा वहीं जिला स्तर पर आवश्यक प्रतिक्रिया पुरी कर ली गई है जिसमें राज्य के लगभग 51 लाख महिलाओं को प्रतिमा इस योजना का लाभ मिलता है जिसमें से सितंबर माह की राशि दुर्गा पूजा से पहले और अक्टूबर माह की राशि छत से पहले ही मिल गई थी।

मैया सम्मान योजना के मुख्य आवश्यकता है

वही मैया समान योजना की राशि प्राप्त करने के लिए महिलाओं को झारखंड का मूल निवासी होना चाहिए वह महिला की आयु 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए और महिला का नाम राशन कार्ड में दर्ज होना आवश्यक है और महिला का परिवार कोई भी या कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी का लाभ नहीं ले रहा हो और महिला कोई भी सरकारी पेंशन का लाभ न लेता हो यह सभी मापदंड को आप पूरा करते हैं तो आप मैया सम्मान योजना का लाभ ले सकतेहैं और आपके सुनिश्चित करने की आपका खाता नंबर आधार कार्ड से लिंक है और एनपीसीआई से लिंक है कि नहीं अगर यार आप फुलफिल नहीं करते हैं तो आपके पैसे आने में दिल हो सकती है क्योंकि कुछ मैंने पहले ही मैया सम्मान योजना गलत तरीके से लाभ लेने वाले कई महिलाओं का नाम लिस्ट से नाम काट दिया गया।

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डंडई प्रखंड (गढ़वा) में गहराया शिक्षण संकट: 11,597 बच्चों पर सिर्फ 211 शिक्षक, कई स्कूल ‘शिक्षक-विहीन’

गढ़वा जिला के डंडई प्रखंड के अंतर्गत अधिकतर स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों का पढ़ना मुश्किल हो रहा है जिसमें प्रखंड में कुल 70 विद्यालय है जिसमें से एक मदरसा यानी कि कल 71 सरकारी विद्यालय संचालित की गई है जिसमें से 1 से 5 तक के कक्षा में 7798 बच्चे हैं और वही 6 से 8 क्लास तक के 3799 बच्चे नामांकित है जिसमें से कल नामांकित बच्चों की संख्या 11597 है वही प्रखंड मैं सरकारी शिक्षकों की संख्या 48 एवं पर शिक्षकों की संख्या 163 है जिसमें से कई शिक्षक को का सहायक आचार्य के पद पर सिलेक्शन भी हो गया है वही आंकड़ों के अनुसार शिक्षक ऑन की कमी के कारण इधर एजुकेशन के तहत प्रति शिक्षकों पर 30 बच्चों का है लेकिन यहां प्रखंड में अनुमान के अनुसार 60 बच्चों पर एक शिक्षक यहां है जिसमें से बच्चे का भविष्य सुधारने का दवा लगभग फेल होता नजर आ रहा है वही डंडई प्रखंड के अंतर्गत स्थित रू के पत्थर लव पंचायत के अंतर्गत स्थित स्कूल में एक भी शिक्षक नहीं है जिससे उक्त विद्यालय में या गंभीर संकट बन गया है वह शिक्षा के दौर में बच्चे पढ़ाई से वंचित रह जा रहे हैं यह एक गंभीर समस्या बन गया है वही विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष आशीष कुमार ने इस संबंध में बात करते हुए शिक्षक भेजने की मांग की है ताकि बच्चों की अच्छी शिक्षा मिल सके।

जिसमें डंडई प्रखंड के रारो पंचायत के एकमात्र शिक्षक थे जो प्राथमिक विद्यालय में पतला ही टोला में नामांकित कल 92 बच्चों का शिक्षा दे रहे थे लेकिन उनका अब सहायक आचार्य पद पर नियुक्ति हो गई जिससे के बाद में पलामू के दूसरे विद्यालय में चले गए इसके बाद से विद्यालय की पूरी अर्थव्यवस्था विहीन हो गई और इधर बच्चों को पढ़ने के लिए दो-तीन दिनों से ब्रा की ओर से अस्थाई रूप से शिक्षक भेजे गए लेकिन इसके बाद या यह अभी व्यवस्था पूरी तरह से बंद हो गई जिसके कारण बच्चों की पढ़ाई ही वंचित नहीं हो रहे हैं उनके जिंदगी के साथ खिलवाड़ हो रहा है और वही विद्यालय का नियमावली संचालन भी कमी हो रही है शिक्षक के न होने के कारण बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह से बाधित हो गई है वह ग्रामीणों का कहना है कि बच्चे विद्यालय पहुंचने तो है मगर कक्षा संचालन नहीं होने के कारण उन्हें निराश होकर घर लौटना पड़ता है वही तो कई बच्चे ऐसे हैं जो पूरे दिन खेल कर समय व्यतीत कर रहे हैं वही कई बच्चों ने स्कूल भी जाना बंद कर दिया है।

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गढ़वा में 38 साल से प्लंबर की बहाली बंद: पानी का संकट गहराया 2025

झारखंड के गढ़वा जिला के अंतर्गत जन सुविधाओं की प्रबंधन में सरकार की उदासीनता का चौंकाने वाला एक तस्वीर सामने आई है जिसमें सीधा असर इससे लाखों ग्रामीणों को ऊपर पड़ रहा है जिसका मुख्य उद्देश्य है कि 1988 में पिछली बार चापाकल मिस्त्री का नियुक्ति हुआ था जिससे अब तक की बाहरी में लगभग 38 वर्ष हो चुका है जो यह बहाली की प्रक्रिया पूरी तरह से ठप हो चुका है जिसका सीधा असर जिले मैं सरकारी मैकेनिक को की कोई टीम मौजूद नहीं है जिससे पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही और चपकालों की रखरखाव पूरी नहीं हो पा रही है और यह व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गया है।

गहरा संकट

जिस जिले के अंदर कई चापाकल खराब हो चुके हैं जिसका रखरखा नहीं हो पा रहा है और 4700 से अधिक चापाकल अब पूरी तरह से बंद हो चुके हैं जो जिले में कुल 15000 से अधिक चापाकल है जो अब 4700 से अधिक चापाकल का हैंड पंप पूरी तरह से निष्क्रिय हो चुका है जिससे सीधा असर जिले के लाखों ग्रामीण पर पड़ रहा है और खराब होने की वजह से चापाकल के कारण ग्रामीणों की आबादी में पानी पीने के लिए गंभीर संकट से जूझना पड़ रहा है जिससे टेंडर सिस्टम में मिस्रियों की कमी के कारण वह मरम्मत में कमी से निजी टेंडर सिस्टम के भरोसे या चल रहा है जो बेहद ही महंगा पड़ रहा है जो सरकारी सिस्टम न होने के कारण मरम्मत का खर्च बेहद बढ़ गया है जया 2025 के अप्रैल में अर्जुन के महीना में मरम्मत के लिए 12.24 लाख खर्च कर दिए गए हैं जिससे जल विशेषज्ञ का मानना है कि यदि जिले में सरकारी प्लंबरों की नियुक्ति हो जाती है तो मरम्मत पर खर्च आधा हो जाएगा और गांव में पानी की उपलब्धता पूरी तरह से सुनिश्चित हो जाएगी जो इस संकट के देखते हुए गढ़वा जिले में तत्काल कम से कम 20 सरकारी प्लंबरों की आवश्यकता है जिसमें सरकार की स्तर पर बहाली का फैसला अभी पूरी तरह से अटका हुआ है जो एक तरफ से हजारों चापाकल बंद पड़े हैं और लोग पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक बिलों के कारण जनता की बुनियादी जरूरत नहीं हो पा रही हैं।

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झारखंड-छत्तीसगढ़ रेल कनेक्टिविटी को मिली हरी झंडी: दो नई परियोजनाओं से बदलेगी क्षेत्र की तस्वीर

देश के रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव में लोकसभा में घोषणा पारित करते हुए बताया कि झारखंड और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाली दो महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं का रेलवे मंत्रालय द्वारा मंजरी पारित कर दी गई है जिसमें इन परियोजनाओं में उत्तर छत्तीसगढ़ झारखंड समेत उत्तर प्रदेश के बीच के कनेक्टिविटी व क्रांतिकारी में बदलाव लाने वाला या महत्वपूर्ण परियोजना साबित होगा।

महत्वपूर्ण रेल परियोजनाएं

जिसमें बरवाडीह व चिरमिरी अंबिकापुर लाइन से जोड़ते हुए झारखंड के बरवाडीह को छत्तीसगढ़ के चिरमिरी और अंबिका पुर के रास्ते एयरलाइन जुड़े की जो गढ़वा रोड के रामानुजगंज से बलरामपुर लाइन से जोड़कर क्षेत्र की रेल की मंजरी के कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी।

परियोजनाओं का महत्वपूर्ण प्रभाव

जिसमें रेलवे की नई लाइन का विस्तार होगा वह कल 262 किलोमीटर की नई रेल लाइन परियोजनाएं को बिछाई जाएगी जिसमें तेज कनेक्टिविटी के साथ अंबिकापुर के सरगुजा क्षेत्र से होते हुए या सीधे झारखंड के रास्ते से उत्तर प्रदेश वह पूर्वी मध्य भारत में तेजी से या परियोजना जुड़ सकेगा जिसमें इस परियोजना से रेल की कनेक्टिविटी में और भी सुधार के साथ अस्थाई रोजगार व व्यापार के साधन में सामग्र विकास में तेजी आने की उम्मीद जागेगी जिसमें इस क्षेत्र में मिलने वाली छत्तीसगढ़ को रेल बजट की परियोजना में अब तक के इतिहास का सबसे बड़ा 22 गुना से बढ़कर 6925 करोड़ तक पहुंच गया है जो रिकॉर्ड का सबसे बड़ा वृद्धि माना जा रहा है जिसमें रेल मंत्री ने बताया कि रेल की दोहरीकरण और रेल की नई लाइन के विचार में स्वीकृति के कारण तेज गति से दशक के मुकाबले 15 गुना तक या बढ़ गया है जिसमें इस परियोजना की दिव्य शक्ति परियोजना के अनुसार पहले से ही तैयारी चल रही है जो उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा।

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