
झारखंड की राजधानी रांची के चाईबासा जिले के सदर अस्पताल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में थैलेसीमिया से पीड़ित एक बच्चे को एचआईवी के संक्रमित रक्त चढ़ाने का मामला सामने आया है जिसके बाद से झारखंड हाईकोर्ट ने इस मामले के खिलाफ सावताह संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश जारी कर दिया है इसके बाद रांची के झारखंड सरकार की पांच सदस्यीय टीम ने चाईबासा पहुंचकर चाईबासा के सदर अस्पताल का निरक्षण किया है।वही इसको लेकरके स्वास्थ्य विभाग के निर्देशक डॉ दिनेश कुमार के निर्देश पर इस अस्पलाल का ब्लड बैंक का निरक्षण किया गया और इस बाद कई गंभीर खामियां सामने निकल करके आए जिसके बाद टिम ने डॉक्टर से पूछताछ के रक्त के नमूने को प्राप्त किया और जांच के दौरान यह भी पता चला कि उस वार्ड में 5 बच्चे और भी भर्ती थे उनकी भी थैलेसीमिया के वार्ड में भर्ती कराया गया था ओ भी एचआईवी के संक्रमित हो सकते हैं जिनकी जांच अभी जारी है।
वही इसको लेकरके स्वास्थ्य विभाग के निर्देशक डॉ दिनेश कुमार के निर्देश पर इस अस्पलाल का ब्लड बैंक का निरक्षण किया गया और इस बाद कई गंभीर खामियां सामने निकल करके आए जिसके बाद टिम ने डॉक्टर से पूछताछ के रक्त के नमूने को प्राप्त किया और जांच के दौरान यह भी पता चला कि उस वार्ड में 5 बच्चे और भी भर्ती थे उनकी भी थैलेसीमिया के वार्ड में भर्ती कराया गया था ओ भी एचआईवी के संक्रमित हो सकते हैं जिनकी जांच अभी जारी है।
13 सितंबर को चढ़ाया गया था रक्त
इसके बाद इस मामले को लेकर के मजदूर यूनियन के नेता मुक्कल ने आरोप लगाते हुए बताया कि एक 7 साल के बच्चे को एचआईवी पॉजिटिव रक्त को चढ़ा दिया गया इसके बाद बीते 18 तारीख को जांच के दौरान एचआईवी पॉजिटिव पाया गया वही निदेशक डॉक्टर दिनेश कुमार ने बताया कि संक्रमण के कर्म का पता लगाया जा रहा है और सभी सिविल सर्विस अधिकारों से बातचीत की जा रही है वही बताया जा रहा है कि जिले में 515 एचआईवी से संक्रमित मरीजों का इलाज रत हैं वही टीम ने बताया कि इस पूरे मामले की जांच की जा रही है और इसकी रिपोर्ट सरकार को जल्द सौंपी जाएगी।