
झारखंड गढ़वा जिला के अंतर्गत सदर अस्पताल की लचर व्यवस्था के देखते हुए एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है बुधवार को अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही की वजह से एक बार फिर से हंगामा देखने को मिला या हंगामा कब शुरू हुआ जब चामा पंचायत के अंतर्गत इस स्थिति में किया प्रतिमा देवी ने अपने घायल चिकित्सा इलाज कराने अस्पताल में पहुंचे लेकिन घंटा इंतजार करने के बाद भी चिकित्सा द्वारा उनका उपचार नहीं शुरू किया गया विश्व मिली जानकारी के अनुसार मुख्य प्रतिमा देवी का पुत्र सड़क दुर्घटना में घायल हो चुका था उसे तुरंत इलाज की जरूरत थी लेकिन सदर अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा समय पर इलाज में मिल पाने को नहीं नरक को स्टाफ की सहयोग कोई सहयोगी खेलने से का इंतजार करना पड़ा उसके बाद चामा पंचायत के मुखिया प्रतिमा देवी ने अपना आपा खो बैठा सदन अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया वही वही चामा पंचायत की मुखिया प्रतिमा देवी ने बोला कि अगर जिला मुख्यालय का सत्र अस्पताल मरीजों का समय का इलाज नहीं दे पा रही है तो लोग आखिरकार कहां जाएंगे सरकार ने से ने दावा किया कि सभी सुविधाएं मिलेगी लेकिन यहां मरीजों को कुछ भी नहीं मिल पा रहा है घटना की जानकारी मिलता है तुरंत जिला कांग्रेस के अध्यक्ष शंभू राम भी अस्पताल में पहुंचे और मौके जायज़ा लिया।
वही उन्होंने नाराजगी जताते हुए बोला की राज सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सशक्त नहीं है यह राजनीतिक गंभीर मुद्दा बन रहा है लेकिन स्थानीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अपने कर्तव्य में लापरवाही दिखाई है उन्होंने कहा कि इस मामले की शिकायत उन्होंने सिविल सजन डॉक्टर जान फेनेडी से फोन पर इसकी शिकायत की लेकिन सिविल सर्जन में कोई संतोषजनक जवाब अपनी तरफ से नहीं दिया वहीं कांग्रेस अध्यक्ष शंभू राम ने कहा किया साफ तौर पर सरकार थी छवि में धूमिल है करने को साजिश की जा रही है सरकार जनता को मुफ्त इलाज की सुविधा दे रही है लेकिन कुछ गैर जिम्मेदारी अधिकारियों और कमी कर्मचारियों से धरातल पर उतरने दे रहे हैं अस्पताल में कुछ देर तक अपराध तफरी बना रहा लेकिन कुछ समय बाद इसे शांत कर लिया गया वहीं स्थानीय लोगों ने बताया कि सदर अस्पताल की व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है कभी डॉक्टरों की गैर मस्जिदगी कभी अस्पताल में दवा नहीं आए देने मरीजों का सामना जलन पड़ता है लोगों ने जिला प्रशासन से अस्पताल की व्यवस्था के सुधारने के लिए कई बार मांग की लेकिन भविष्य में इस तरह की घटना ना हो लेकिन सरकार की तरफ से कोई भी सख्त कदम नहीं उठाया जा रहा।