
सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए या निर्णय लिया है कि कि अब जो व्यक्ति स्वतंत्रता की संवैधानिक सुरक्षा को मजबूत करेगा इस आदेश के तहत की रफ्तारी से संबंधित नियमों का बदलाव किया गया है यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बी गोवे और जस्टिस आज जस्टिन जॉर्ज मसीह की क बेंच में मीरा राजेश शाह बना महाराष्ट्र राज्य बनाने मामले में सुनाया गया जो जुलाई 2022 के चर्चित बीएमडब्ल्यू हिट एंड रन ए केस में जुड़ा था।
मुख्य कारण
आप किसी भी अप्राध्य कानून के तहत गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को गिरफ्तारी से पहले उसे गिरफ्तारी का कारण बताना होगा और यह कारण लिखित रूप से और व्यक्ति को अच्छी तरह से समझ में आना चाहिए ।
गिरफ्तारी की समय सीमा
अगर गिरफ्तारी करते समय उसे तुरंत नहीं बताया गया कि किस कारण से उसे गिरफ्तार किया गया है तो गिरफ्तारी अमान्य होगा और उसे नहीं माना जाएगा और वही गिरफ्तारी करते समय पुलिस को उचित समय सीमा के भीतर गिरफ्तारी के कर्म का लिखित रूप से जानकारी देनी होगी वही मजिस्ट्रेट के सामने पेशी करने से पहले गिरफ्तारी व्यक्ति को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने से पहले काम से कम 2 घंटे पहले ही लिखा जानकारी उसको देना जरूरी होगा।
यह फैसला गिरफ्तार व्यक्ति के संबंध में पारदर्शिता और गिरफ्तार हरि व्यक्ति के अधिकारों की सुरक्षा को सुनिश्चित करता है