
दिल्ली के लाल किले के पास हुई जो कर ब्लास्ट के धमाके में देश की राजधानी पूरी राजधानी को हिला कर रख दिया यह मन एक बिस्किट ही नहीं बल्कि या सुंयोजित भी था कि आतंकी साजिश के तहत इसे अंजाम दिया गया था जिसके केंद्र में पुलवामा के निवासी डॉक्टर उमर उन नबी नाम का एक पढ़ा लिखा डॉक्टर था जो जो सुरक्षा है जैसा की जांच में वह 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरे को चेक किया गया और डीएनए के रिपोर्ट के अनुसार पाया गया कि जो वह मिनट तो मिनट रूट मैप और अर्टिगा नेटवर्क के सामने आया और वह हैरान कर देने वाली बात है।
डीएनए टेस्ट के मुताबिक हुई आतंकी की पहचान
दिल्ली के लाल किला के पास हुए बम धमाके के बाद दो उमर नबी नबी ने सरिया के चित्र चित्र उड़ गए थे जिसके बाद उसे डीएनए टेस्ट कराएगा उसकी पहचान करना लगभग असंभव माना जा रहा था लेकिन जांच एजेंसी को शुरू से ही शक था कि वह कार्य चलाने वाला उम्र नबी ही था जो फरीदाबाद से चल रहे हैं व्हाइट कलर तेरा मॉडल का मास्टरमाइंड बताया जा रहा था जिसमें बताया जा रहा है की करधन मार्केट से ठीक पहले उमर ने 11 दिन पहले एक सफेद रंग की हुंडई i20 कर के जिसका नंबर HR26CE7674 खरीदा था इसके साथी फरीदाबाद और आज और अन्य जगहों पर उनके साथी डॉक्टर जैसे डॉक्टर मुजम्मिल शकील और डॉक्टर आदिल अहमद की गिरफ्तारी ने उम्र पर भारी दबाव बना दिया था जिसमें डीएनए के रिपोर्ट के अनुसार जांच एजेंसी ने जम्मू कश्मीर के पुलवामा में स्थित उसके घर में उसकी मां का डीएनए का सैंपल भी लिया था जिसमें कर के मिले 100 के टुकड़ों से इसका मिलान हंड्रेड परसेंट सही पाया गया जिससे इस स्पष्ट हो गया की उम्र से सुरक्षा एजेंसियां की डाबी से घबराकर हड़बड़ी में कर के साथ खुद को ही विस्फोट में उड़ा लिया।
लास्ट 11 घंटे का रूट मैप
सीसीटीवी के फुटेज के अनुसार पर डॉक्टर उमर उन नबी की दिल्ली में एंट्री से लेकर 20 फीट तक के 11 घंटे की यात्रा का विस्तृत विवरण है जिसमें वह सुबह 7:25 को दोपहर 2:00 बजे तक दिल्ली में एंट्री और पढ़ाव जिसमें वह 7:25 a.m पर फरीदाबाद के आर्यन हॉस्पिटल से धमाके में इस्तेमाल किया होने वाले i20 कर में बैठकर फरीदाबाद में कैद हुई सीसीटीवी के अनुसार उमर ने कुछ दिन पहले ही अपने करीबियों के संपर्क तोड़कर खुद को अंडरग्राउंड कर लिया था इसके बाद वह 8:11 a.m पर बदरपुर बॉर्डर और टोल प्लाजा से उम्र लाने दिल्ली में एंट्री की थी जिसमें सीसी फुटेज के अनुसार वह मास्क लगाकर ड्राइविंग सीट पर बैठा दिखाई दिया जो बार-बार कैमरे की तरफ देख रहा था और उसके पास एक बड़ा सा बैगभी था और इसके बाद वह 8:11 a.m पर 2:00 pm तक पीएम दक्षिण दिल्ली से मोमेंट करते हुए गिरफ्तार गिरफ्तारी के दर से उसने दक्षिण और मध्य दिल्ली के कई इलाकों में बार-बार अपनी दिशा बदलता रहा इस दौरान वह किसी भी गुप्त जगह या अपने किसी साथी से मिलने की फिराक में था इसके बाद वह 2:05 pm पर क कनॉट प्लेस आउटर सर्कल के पास कर के पास उसे देखा गया था जिसके बाद वह संसद भवन जैसे संवेदनशील क्षेत्र से सिर्फ तीन किलोमीटर दूर था इसके बाद वह दोपहर के 3:00 बजे से शाम 6:52 तक अंतिम पद में था जिसके बाद वह तीन पीएम पुरानी दिल्ली की मस्जिद के पास उम्र तक मार्केट से सामने स्थित था इसके बाद वह फैज़ ए इलाही मस्जिद गया और इसके बाद वह लगभग 10 मिनट तक वहां रुका था जांच एजेंसियां एवं तारा को मकसद ने में लगे रही इसके बाद वह 3:19 पीएम पर लाल किला का पार्किंग में प्रवेश कर कर को पार्किंग स्थल के सुनाई मस्जिद के पास दाखिल हुआ जिसके बाद वह 3:19 म प्र 648 पीएम तक 3 घंटे का सस्पेंस लगभग कर पार्किंग में खड़ी रही जिसके बाद माना जा रहा है कि दौरान उमर ने या तो कर में ईद को अंतिम रूप से दिया या उसे अपने अंदर से दाखिल का निर्देश लिए जिसके बाद वह 6:48 pm पर पार्किंग से कर को बाहर निकाला उसके बाद वह लगभग 4 मिनट यानी की 6:52 pm वह कर लाल किले के मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर वन के पास जोरदार धमाके के साथ फट गई जिससे लगभग 12 लोगों की इसमें जान भी चली गई।
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का कनेक्शन
उमर उन नबी का नेटवर्क केवल भारत तक ही सीमित नहीं था जांच के मुताबिक पता चला कि वह उसका संगठन पाकिस्तान के स्थित आतंकी के संगठन जैश ए मोहम्मद के लिए काम कर रहा था उमर उन नावेद तुर्की की राजधानी अंकारा में से बैठे-बैठे हैंडल करता था जिसके साथ वह लगातार संपर्क बनाए रखता था या संपर्क मार्ग 2022 में भारत के आंकड़ा गए कुछ लोगों के समूह से जुड़ा जिसके मुताबिक उम्र उन नबी ने मैसेजिंग के लिए सेशन नामक एक प्राइवेट मैसेंजर नामक ऐप का इस्तेमाल करता था बिना कोई फोन नंबर का या ईमेल आईडी या कोई अकाउंट बनाएं सुविधा देता था इसका प्रयोग कोई सेंट्रल सर्वर के साथ नहीं था जिससे डाटा ट्रैक करना भी बेहद मुश्किल होता था उम्र अन्नबी और उसके साथ ही डॉक्टर कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने वाले एक्सपर्ट टेलीग्राम चैनल पर सक्रिय रहते थे जिसके मुताबिक परिवर्तन दिन इस सैलिनिटी के सक्रिय हो गया और मनी लोडिंग के साथ किस दर्ज करने की तैयारी भी रहता कि इस आतंकी साजिश का इस्तेमाल करते हुए विदेशी फंड की जांच की जा सके।
डॉक्टर से आतंकी का सफर
डॉक्टर उमर अन्नबी एक पढ़ा लिखा था जिसने फरीदाबाद की अल्पला यूनिवर्सिटी एमबीबीएस की से पढ़ाई की और वह सीनियर रेजिडेंट्स की तौर पर काम कर रहा था उसकी गिरफ्तारी के समय 360 किलो विस्फोटक राइफल और मैगजीन भी बरामद किया गया था जिसमें जांच एजेंसी के को मानना है कि वह फरीदाबाद में बैठे-बैठे आते हैं कि मॉड्यूल का भंडाफोड़ होने के बाद वह उम्र पैनिक में आगे और उसने जल्दबाजी में एक आत्मघाती धमाका करने का भी प्लान बनाया ताकि वह उसका नेटवर्क पूरी तरह से उजागर हो जाए जिसमें दिल्ली ब्लास्ट में एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय और कंपनी के सारे चलने वाला एक आतंकी साजिश का हिस्सा था जिससे एक युवा डॉक्टर ने अंजाम दिया।