
भारत के अंदर डिजिटल पेमेंट सिस्टम में एक क्रांति आने वाली hai जो भारतीय रिजर्व बैंक आफ इंडिया ने अपने ही डिजिटल ई रूपी को लांच किया है और बाकी सभी एक्सपर्ट लोगों का मानना है कि यह जल्द ही यूपीआई को पीछे छोड़कर आगे निकल जाएगा क्योंकि यह देश में न्यू डिजिटल करेंसी के तहत एक गेम चेंजर साबित हो सकता है।
इंटरनेट नहीं तो पेमेंट भी नहीं
जो की डिजिटल यूरोप के सबसे बड़ी ताकत है कि यह ऑफलाइन है या बिना इंटरनेट के ही काम करता है और आप अगर किसी ऐसे दूर दराज इलाके में है तो जहां इंटरनेट की कनेक्टिविटी अच्छी नहीं है तभी या डिजिटल मुद्रा काम करेगा जो आप इंटरनेट स्लो जैसे पेमेंट और पेमेंट फंसने की समस्या खत्म हो जाएगी।
सुरक्षा एवं फायदे
बैंक खाता जरूरी नहीं क्योंकि यूपीआई के विपरीत इसके इस्तेमाल के लिए बैंक खाते का होना जरूरी नहीं है या उन लोगों को डिजिटल इकोनामी के साथ जोड़ेगा जिनके पास अभी तक बैंक सुविधा उपलब्ध नहीं है l
यह पूरी तरह से ही आपका डिजिटल वॉलेट सुरक्षित एवं एंटी करप्टेड होगा अगर आपका कभी भविष्य में मोबाइल गुम हो भी हो जाता है तो आप इसे तुरंत ब्लॉक कर करके दूसरे मोबाइल में वापस कर सकते हैं और खास बात यह है कि इसमें कोई भी चार्ज नहीं लगेगा ना ही अतिरिक्त शुल्क लगेगा इसमें लेनदेन की कोई सीमा निर्धारित नहीं किया गया है जिससे आम ट्रांजैक्शन जितना ही आसान हो सकता है।
आरबीआई का ऐलान
जो यूपीआई ने देश में बड़ी सुविधा दी है लेकिन इस कमजोरी इंटरनेट के बड़ी चुनौती दे रही है आरबीआई का या कम चुनौती को हमेशा के लिए खत्म करने जा रही है आरबीआई के गवर्नर ने स्पष्ट के देते हुए बताया कि या नई डिजिटल मुद्रा देश के 15 बैंकों के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर वितरण के लिए तैयार है और आने वाले भविष्य में इस सी बैंकों के साथ जोड़ने की तैयारी में है।