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आदिवासी अधिकार रक्षा मंच का ‘आक्रोश मारेली’: कुड़मी-महतो को ST दर्जे की मांग के खिलाफ पाकुड़ में विरोध, रसका हेंब्रम ने अधिकारों के हनन पर दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

झारखंड राज्य के पाकुड़ जिले के अंतर्गत हिरणपुर प्रखंड मुख्यालय में कुर्मी और महतो समुदाय के लोगों ने आदिवासी समुदाय में शामिल करने की मांग के लिए विरोध में आदिवासी अधिकार रक्षा मंच द्वारा एक दिवसीय आदिवासी आक्रोश मारेली का आयोजन किया गया इस रैली में शामिल लोगों ने अपने अधिकारों को लेकर खूब जमकर नारेबाजी किए।

वही रैली का नेतृत्व कर रहे मंच अध्यक्ष रस का हेंब्रम ने हर्ले हाई स्कूल के पास से शुरू की गई और फिर प्रखंड क्षेत्र में सभी भ्रमण किया वही मौके पर मौजूद अध्यक्ष रस का हेंब्रम ने बताया कि झारखंड के आदिवासी समुदाय ने जल जंगल और जीवन की लड़ाई के वर्षों तक लड़ी और इस राज्य को अलग करवाने में भी हिस्सा रहा लेकिन वर्तमान में आदिवासियों के अधिकारों को बांटने का प्रयास किया जा रहा है जिन्होंने कर्मी और महत्व समुदाय के लोग आदिवासी समुदाय में शामिल करने की मांग के लिए आरोप लगा रहे हैं और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

आदिवासी लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया

वही इसको लेकर के आदिवासी नेता निर्मल मुर्मू ने कहा कि काफी संघर्ष के बाद अलग राज्य मिला है लेकिन आदिवासी समुदाय के खिलाफ लगातार बांटने की तैयारी चल रही है और कुर्मी समुदाय के लोग आदिवासी के शामिल होने की मांग कर रहे हैं वह विरोध प्रदर्शन करते हुए लगातार आंदोलन चलाने की बात कही गई और चेतावनी दी गई कि यदि ऐसा होता है तो उम्र आंदोलन भी किया जाएगा वहीं उन्होंने स्पष्ट किया कि हमेशा राज्य के विकास के पक्षधर रहे हैं यदि किसी जाति समुदाय का विरोध नहीं करते हैं तो हालांकि या उनके अधिकारों का हनन किया जा रहा है वही आदिवासी सामुदायिक दुबे जोरदार आवाज उठाते हुए बोले कि उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर आदिवासियों को चलने का प्रयास किया जा रहा है उनके अधिकारों को अच्छे का हनन किया जा रहा है।

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